“वह लड़की” –सआदत हसन मंटो लिखित उर्दू कहानी

Summary

लड़की का चेहरा और ज़्यादा सांवला हो गया,”तुम क्या चाहते हो ?”

सुरेंद्र ने थोड़ी देर अपने दिल को टटोला,”मैं क्या चाहता हूँ  मैं कुछ नहीं चाहता, मैं घर में अकेला हूँ ,अगर तुम मेरे साथ चलोगी तो बड़ी मेहरबानी होगी “

लड़की के गहरे सांवले होठों पर अजीब-ओ-गरीब किस्म की मुस्कराहट नुमूदार हुई ,”मेहरबानी … काहे की मेहरबानी … चलो !” 

और दोनों चल दिए। 

 उर्दू के अग्रणी लेखकों में से एक सआदत हसन मंटो लिखित कहानी “वह लड़की”   विभाजन की उस  त्रासदी से छलके दर्द  की परिणति है,जब  धर्म के आधार पर आंदोलन  भड़के और भारत दो भागों में बंट गया ।

Transcription

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