खोल दो ! सआदत हसन मंटो लिखित कहानी(“KHOL DO”Story by Saadat Hasan Manto)

Summary

1947 में देश का बंटवारा हुआ। लाखों लोग लापता हुए,अपनो से बिछुड़े, और मारे गए। इस त्रासदी को मंटो ने नज़दीक से देखा।मार काट देखी,आम आदमी को शैतान बनते देखा। इस त्रासदी की विडंबना रही के रक्षक ही भक्षक बने। इसी बिंदु को केन्द्र में रख कर लिखी गयी कहानी है “खोल दो”।विभाजन के वक़्त अपने पिता से बिछुड़ी 17 वर्ष की खूसूरत लड़की सकीना को जनता के मददगार कहे जाने वाले स्वयंसेवक ढूंढ तो लेते है लेकिन सकीना अपने पिता के पास नहीं पहुंचाई जाती। जबकि पिता सिराजुद्दीन से स्वयंसेवकों बे वायदा किया होता है कि उसकी बेटी अगर ज़िंदा बची होगी उस तक ज़रूर पहुंच जाएगी। सिराजुद्दीन को जब मरणासन्न सकीना मिलती है तो वो कहता है कि मेरी बेटी ज़िंदा है ,जब कि सकीना का इलाज़ कर रहा डॉक्टर लाश बन चुकी सकीना की हालत समझ कर पसीना-पसीना हो जाता है।क्या हुआ सकीना के साथ ??????? सुनिये झकझोर देने वाली कहानी “खोल दो”

धन्नों–अमृता प्रीतम लिखित कहानी( Dhanno-story by Amrita preetam

Summary

अमृता प्रीतम लिखित “धन्नों”समाज में अपने दम पर अकेली जीने वाली उस औरत की कहानी है जिसका हथियार उसकी ज़ुबान है।अपनी ज़ुबान से समाज का सच उधेड़ कर नंगा कर देने वाली धन्नों अपने जीवन के अंत में एक बेहतरीन और अनुकरणीय मिसाल समाज के सामने रख जाती है। क्या थी वो मिसाल ? जानने के लिए सुनिए कहानी “धन्नों”

नीचे के कपड़े(Neeche ke kapde)Story by Amrita preetam

Summary

“नीचे के कपड़े” अमृता प्रीतम की दस प्रतिनिधि कहानियों में शुमार है।ये कहानी मन और बदन ,पूरे और अधूरे, उजागर और छिपे रिश्तों को बयां करती है। खानाबदोश औरतों की रवायत है कि वे अपनी कमर पर पड़ी नेफे की लकीर पर उसका नाम गुदवाती हैं जिस से वे मोहब्बत करती हैं। सिवाय ईश्वर की आंख के कोई भी किसी औरत का कमर से नीचे का बदन नहीं देख सकता। इस कहानी के पात्र अक्षय को घर के स्टोर में पड़े पुराने खतों के ज़रिए पारिवारिक रिश्तों की उलझी हुई सच्चाई का पता चलता है । जहां उसके पिता का संबंध किसी मिसेज़ चोपड़ा से है,और स्वयं अक्षय अपनी माँ और चाचा के बीच पनपे संबंध की परिणति है। माँ को संदेह है कि चाचा का संबंध मिस नंदा से है।पुराने खतों से उघड़े राज़ जान कर अक्षय को महसूस होता है कि उसे ईश्वर की आंख मिल गयी है और उसने कपड़ों के नीचे सब के नेफे की लकीर को देख लिया है।

लटिया की छोकरी (epi-2)Latiya ki chhokri(part-2)

Summary

लटिया की छोकरी अमृता प्रीतम की दस प्रतिनिधि कहानियों में से एक है।ये कहानी निडर और साहसी आदिवासी लड़की चारु के अंतर्व्यथा और प्रतिशोध के अभिव्यक्ति है।ये कहानी दो भागों में upload की गई है।ये लटिया की छोकरी का दूसरा भाग है।पहला भाग सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं।https://anchor.fm/sukhnandan-bindra/episodes/epi-1Latiya-ki-chhokripart-1-eu53g6

लटिया की छोकरी(epi-1)Latiya ki chhokri(part-1)

Summary

लटिया की छोकरी अमृता प्रीतम द्वारा लिखी गयी दस प्रतिनिधि कहानियों में से एक है। ये कहानी में निडर आदिवासी लड़की चारु की अंतर्व्यथा और प्रतिशोध का बड़ा मार्मिक चित्रण है।ये कहानी दो भागों में upload की गई है।ये इसका पहला भाग है।दूसरा भाग सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।. https://anchor.fm/sukhnandan-bindra/episodes/epi-2Latiya-ki-chhokripart-2-eu53o4

“शाह की कंजरी”अमृता प्रीतम लिखित कहानी(Shah ki kanjaree”–story by Amrita Preetam)

Summary

अमृता प्रीतम लिखित कहने “शाह की कंजरी” समाज के दोगलेपन और स्त्री के मन का गहन चित्रण प्रस्तुत करती है

Kahani Wali Kudi !!!(कहानी वाली कुड़ी) (Trailer)

Summary

“उधड़ी हुई कहानियां” (udhdee huee kahaniyan)

Summary

“उधड़ी हुई कहानियां”अमृता प्रीतम द्वारा लिखी गयी दस प्रतिनिधि कहानियों में से एक है।कालजयी कथावस्तु वाली ये कहानी आज के समय में भी प्रासंगिक है।