Summary
ख़ुदा की जिस साज़िश ने यह सोलहवां वर्ष किसी अप्सरा की तरह भेज कर मेरे बचपन की समाधि भंग की थी, उस साज़िश की मैं ऋणी हूँ,क्योंकि उस साज़िश का संबंध केवल एक वर्ष से नहीं था, मेरी सारी उम्र से है।—-अमृता प्रीतम,{रसीदी टिकट,—पाठ-6 ,सोलहवाँ साल
Kahani Wali Kudi !!!(कहानी वाली कुड़ी)
हर कहानी बोलती है!!!
ख़ुदा की जिस साज़िश ने यह सोलहवां वर्ष किसी अप्सरा की तरह भेज कर मेरे बचपन की समाधि भंग की थी, उस साज़िश की मैं ऋणी हूँ,क्योंकि उस साज़िश का संबंध केवल एक वर्ष से नहीं था, मेरी सारी उम्र से है।—-अमृता प्रीतम,{रसीदी टिकट,—पाठ-6 ,सोलहवाँ साल
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